लॉस एंजिल्स से लेकर भारत तक इन दिनों एक ठेले की कहानी चर्चा में है। यह कहानी है संघर्ष की, जड़ों से जुड़े रहने की और उस स्वाभिमान की, जो किसी बड़े ब्रांड से कम नहीं होता।
वो कहते हैं न कि
हौसले अगर बुलंद हों तो रास्ते खुद बन जाते हैं,
जो ठान लें मेहनत से, वही मुकाम तक जाते हैं।
साथियो, मेहनत की कोई सरहद नहीं होती और स्वाभिमान सबसे बड़ा ब्रांड होता है। यही बात आज दुनिया को दिखा रहे हैं बिहार के ‘बाबू’ प्रभाकर प्रसाद। अमेरिका के लॉस एंजिल्स की चमकती, भागती और महंगी सड़कों पर उनका छोटा-सा ठेला है। इस ठेले पर बड़े-बड़े बोर्ड, चमचमाते पोस्टर या कोई फैंसी नाम नहीं, बस सादे शब्द लिखे हैं चाय और पोहा, Bihari chai wala…पर यही सादगी आज इंटरनेट पर तहलका मचा रही है।
हाल ही में प्रभाकर प्रसाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसमें में वे चाय और पोहा बेचते नजर आ रहे हैं। कोई आलीशान रेस्टोरेंट नहीं, कोई साजो सामान नहीं, बस ठेला…और केतली से उठती भाप। बिहारी आत्मविश्वास से भरी मुस्कान। लोग उन्हें अब ChaiGuy LA के नाम से जानने लगे हैं।
वीडियो वायरल होने की वजह सिर्फ प्रभाकर का संघर्ष नहीं, बल्कि उनके मेन्यू की कीमत भी है। वे एक कप चाय करीब 8.68 डॉलर, यानी लगभग 782 रुपए में बेच रहे हैं। वहीं, एक प्लेट पोहा की कीमत करीब 16.8 डॉलर मतलब 1512 रुपए है। हमारे देश में यह कीमतें सुनकर झटका लगना लाजमी है। अब सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि इतनी रकम में तो देश में पूरी फैमिली का नाश्ता हो जाए। इन सबके इतर इसका दूसरा पहलू यह है कि लॉस एंजिल्स जैसे महंगे शहर में तस्वीर अलग है। वहां किराया, परमिट, कच्चा माल, टैक्स और मेहनत सब कुछ उसी हिसाब से भारी पड़ता है।
हिन्दी बोलते हैं, जुबान में बिहारी एक्सेंट
अमूमन होता है कि जब भारतीय विदेश में कहीं बसते हैं तो वहां की जुबान बोलने लगते हैं, लेकिन यहां खास यह है कि प्रभाकर ने अपनी और अपने देश की पहचान नहीं बदली है। वे पूरे कॉन्फिडेंस के साथ हिन्दी बोलते हैं। उनके एक्सेंट में बिहारीपन झलकता है। यही नहीं, अंदाज में देसी ठाठ है और स्वाद में बिहार की मिट्टी की सुगंध आती है।
प्रभाकर का इंस्टाग्राम अकाउंट @chaiguy_la आज सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान खींच रहा है। उन्होंने जो वीडियो पोस्ट किया है, उसमें नजर आ रहा है कि चाय और पोहे के लिए अमेरिकी ग्राहक कतार में खड़े हैं।

लोग कर रहे जीसस क्राइस्ट से तुलना
प्रभाकर के लंबे बाल और मूंछें हैं। इसलिए भी वे फेमस हैं। उन्होंने एक वीडियो में बताया है कि लॉस एंजिल्स में कई लोग उन्हें देखकर जीसस क्राइस्ट की याद दिलाने की बात कहते हैं। इधर, भारत में कोई उनकी तुलना कुंभ में नजर आए आईआईटी बाबा से कर रहा है तो कोई उनके आइटम्स की प्राइज पर चुटकी ले रहा है। एक यूजर ने लिखा कि भाई 782 रुपए की चाय और 1512 रुपए का पोहा… दिन में कितने कप बिक जाते होंगे? वहीं, कुछ लोग प्रभाकर की मेहनत और संघर्ष की तारीफ भी कर रहे हैं।
विदेश में स्वाद की दूसरी मिसाल
प्रभाकर अकेले नहीं हैं, जो विदेश में देसी स्वाद परोस रहे हैं। लंदन में ‘बिहारी समोसा घंटावाला’ के नाम से मशहूर योगेश्वर शाह उर्फ योग भी छाए हुए हैं। biharisamosa.uk वेबसाइट के मुताबिक, योगेश्वर अपने पापा कालीशाप्रसाद किशनलाल शाह की 50 साल पुरानी रेसिपी को ग्लोबल पहचान दिला रहे हैं। अहमदाबाद और लंदन…दोनों जगह उनके आउटलेट्स हैं।

योग की रील्स में समोसे बेचने का अंदाज बेहद यूनिक है। यही वजह है कि ‘बिहारी समोसा’ को जबरदस्त रीच मिल रही है।एक वीडियो में खुद योग बताते हैं कि वे रोज करीब पांच हजार समोसे बनाकर बेचते हैं। एक समोसा 3 यूरो यानी करीब 315 रुपए का बिकता है। एक वीडियो में योग ने बताया था कि उन्होंने एक दिन में 10 हजार की कमाई की, जो भारतीय करेंसी में करीब 10 लाख रुपए बैठती है। हालांकि, लंदन में दुकान चलाने का खर्च और इनवेस्टमेंट भी उसी स्तर का है।
…तो दोस्तों, प्रभाकर और योगेश्वर की दास्तां का एक ही मैसेज है कि यदि दिल से मेहनत करो और जड़ों से जुड़ाव बनाए रखो तो दुनिया की कोई भी सड़क छोटी नहीं पड़ती। लॉस एंजिल्स का ठेला हो या लंदन की मेट्रो…देसी चाय और समोसा आप अपनी पहचान बना सकते हैं।









